रक्षा का वादा: किसान से रसोई तक
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रक्षाबंधन केवल भाई-बहन के बीच राखी बाँधने का त्योहार नहीं है। यह उस रिश्ते को याद करने का अवसर है जिसमें हम एक-दूसरे की सुरक्षा, सुख और स्वास्थ्य की जिम्मेदारी अपने मन से स्वीकार करते हैं। लेकिन इस बार क्यों न इस रिश्ते की परिधि थोड़ी और बड़ी की जाए? क्यों न उस किसान की कलाई पर भी एक राखी बाँधी जाए, जिसके खेत से निकला अनाज हमारे घर की रसोई तक पहुँचकर हमारे परिवार का भोजन बनता है??
आज शहर और गाँव के बीच की दूरी भले बढ़ गई हो, लेकिन हमारी थाली आज भी खेत से ही जुड़ी है। किसान धरती को सींचकर अन्न पैदा करता है और हम सभी का परिवार उस अन्न को अपने भोजन, स्वास्थ्य और उत्सव का हिस्सा बनाता है। यही तो एक ऐसा रिश्ता है, जिसमें दोनों तरफ से परिवार का ख्याल रखा जाता है।
इस रक्षाबंधन की थाली में हो रिश्तों का स्वाद
रक्षाबंधन पर घर में बनने वाले पकवान केवल स्वाद के लिए नहीं होते, वे परिवार की स्मृतियों का हिस्सा बन जाते हैं। उर्वी के प्राकृतिक और प्रमाणित जैविक उत्पादों की रेंज से इस बार ऐसी ही पारंपरिक रक्षाबंधन थाली तैयार की जा सकती है, जिसमें स्वाद के साथ शुद्धता और किसान का योगदान भी दिखाई दे।
आइये खोजें हम क्या विशुद्ध उत्पाद इनसे बना सकते हैँ, बजाय उनके जो बाजार मे अपनी नकली घी औऱ मिलावटी कच्चे उत्पादों से हमें मिल रहे हैँ:-
1. बेसन के लड्डू के लिए उर्वी का बेसन और देसी गाय का बिलौना विधि से तैयार घी लिया जा सकता है। गुड़ की मिठास इसे पारंपरिक स्वाद देती है।
2. गुड़ वाले चावल के लिए उर्वी का बासमती, ब्राउन बासमती या सोना मसूरी चावल और प्राकृतिक गुड़ इस्तेमाल किया जा सकता है। शुद्धतम घी की खुशबू इसके स्वाद को और समृद्ध बनाती है।
3. खपली गुड़ पंजीरी रक्षाबंधन के लिए एक पौष्टिक और पारंपरिक विकल्प हो सकती है। खपली गेहूँ के आटे, गुड़ और देसी घी से बनी पंजीरी में वही घरेलू स्वाद मिलता है, जो त्योहारों की पुरानी यादों से जुड़ा है।
4. मूंग दाल तड़का के लिए उर्वी की मूंग दाल और उनके वुड-प्रेस्ड तेल का प्रयोग किया जा सकता है। ऊपर से देसी घी का हल्का तड़का इसे बिल्कुल घर जैसा स्वाद देता है।
5. चना दाल की पारंपरिक सब्जी या दाल भी रक्षाबंधन की थाली में शामिल की जा सकती है।
6. बेसन की गुड़ वाली बर्फी के लिए उर्वी का बेसन, देसी गाय का बिलौना घी और प्राकृतिक गुड़ लिया जा सकता है। बेसन को धीमी आँच पर घी में धैर्य से भूनना ही इसका असली स्वाद है। ऊपर से थोड़ा गुड़ मिलाने पर मिठास के साथ भुने बेसन और घी की वह खुशबू आती है, जो घर की पुरानी मिठाइयों की याद दिलाती है।
7. खपली गेहूँ का हलवा रक्षाबंधन की थाली में एक बेहद सरल लेकिन स्वादिष्ट विकल्प हो सकता है। उर्वी के खपली गेहूँ के आटे को देसी घी में अच्छी तरह भूनकर उसमें गुड़ मिलाया जाए तो बिना किसी बनावटी स्वाद के एक पारंपरिक मिठाई तैयार होती है। धीमी आँच पर भुने आटे की खुशबू इसका सबसे खास हिस्सा है।
8. गुड़-घी वाली खपली आटे की पूड़ी त्योहार की थाली को बिल्कुल देसी रंग दे सकती है। उर्वी के खपली आटे में गुड़ और घी का मेल करके बनी यह पूरी सामान्य पूरी से अलग स्वाद देती है। इसे नाश्ते या भोजन के साथ मीठे पकवान के रूप में परोसा जा सकता है।
9. मूंग दाल की गुड़ वाली खिचड़ी भी रक्षाबंधन के दिन हल्के और पारंपरिक भोजन का अच्छा विकल्प हो सकती है। उर्वी की मूंग दाल और चावल से बनी खिचड़ी में हल्का देसी घी डालने पर उसका स्वाद बहुत सहज और घर जैसा हो जाता है। परिवार चाहे तो इसे नमकीन के बजाय हल्के गुड़ के स्वाद के साथ भी बना सकता है।
10. बेसन की नमकीन कढ़ी उर्वी के बेसन और उनके उपलब्ध मसालों से तैयार की जा सकती है। ऊपर से देसी घी में मसालों का तड़का और साथ में उर्वी के चावल इसे एक सादा लेकिन भरपूर पारंपरिक भोजन बना देते है।
11. गुड़ वाली खपली मीठी रोटी उन परिवारों के लिए अच्छी रहेगी, जो रक्षाबंधन पर बहुत अधिक मिठाइयों के बजाय घर का बना कुछ सरल खाना पसंद करते हैं। खपली आटे की रोटी के भीतर गुड़ और देसी घी का भरावन रखकर इसे धीमी आँच पर सेंका जाए तो बाहर से हल्की कुरकुरी और भीतर से नरम, सुगंधित मिठास मिलती है।
12. दाल-चावल पर देसी घी का तड़का सुनने में बहुत साधारण लगता है, लेकिन त्योहार की थाली में इसकी जगह खास है। उर्वी की दाल और चावल के साथ ऊपर से उनके बिलौना घी की कुछ बूंदें डालना उस भोजन को वही घरेलू खुशबू देता है, जिसे किसी महंगे पकवान से हासिल करना मुश्किल है।
13. देसी घी वाली गुड़ की खीर उर्वी के उपलब्ध चावल, प्राकृतिक गुड़ और देसी गाय के बिलौना घी से बनाई जा सकती है। यदि छोटे दाने वाले चावल उपलब्ध हों तो वे खीर के लिए अधिक उपयुक्त रहेंगे। लंबे दाने वाले चावल हों तो उन्हें कुछ देर भिगोकर हल्का दरदरा कर लेने से खीर में पुराने देसी चावल जैसा गाढ़ापन और स्वाद आ सकता है।
और यदि परिवार कुछ हल्का, सरल और पारंपरिक रखना चाहे तो उर्वी के चावल, दाल, आटा, बेसन, गुड़, घी और मसालों से पूरी रक्षाबंधन थाली तैयार की जा सकती है।
एक राखी किसान के नाम भी
हम अक्सर राखी पर अपने भाई-बहनों के लिए उपहार चुनते हैं। इस बार एक छोटा-सा बदलाव इस त्योहार को और अर्थपूर्ण बना सकता है।
जिस किसान ने हमारे लिए गेहूँ उगाया, जिसने दाल की फसल तैयार की, जिसने धान के खेत में मेहनत की, जिसने प्राकृतिक खेती के माध्यम से मिट्टी और आने वाली पीढ़ियों के स्वास्थ्य का ध्यान रखा, उसकी कलाई
पर भी सम्मान की एक राखी क्यों न हो?
यह राखी केवल धागा नहीं होगी।
यह संदेश होगी कि “आप हमारे लिए अन्न उगाते हैं, हम आपके परिवार और आपके श्रम के सम्मान के लिए खड़े हैं।”
शहर का परिवार जब किसान परिवार से सीधे जुड़ता है, उसके उत्पादों को प्राथमिकता देता है और उसके श्रम का उचित सम्मान करता है, तब वास्तव में रक्षाबंधन का अर्थ खेत से घर तक पहुँचता है।
किसान भी तो हमारे परिवार का हिस्सा है
किसान केवल उत्पादक नहीं है। वह हमारी थाली की पहली कड़ी है। हम जिस रोटी को परिवार के साथ बैठकर खाते हैं, उसके पीछे किसी किसान की मेहनत है। जिस दाल को बच्चे खाते हैं, उसके पीछे किसी खेत की फसल है। जिस चावल से त्योहार की खीर या मीठे चावल बनते हैं, उसके पीछे मिट्टी, पानी, मौसम और किसान का धैर्य है।
इसलिए इस रक्षाबंधन पर एक ऐसा रिश्ता बनाया जा सकता है जिसमें शहर का परिवार किसान परिवार से जुड़े, उनके उत्पादों को जाने, उनके खेत और मेहनत को समझे और त्योहार की खुशियों में उन्हें भी सहभागी बनाए।
कलाई पर राखी का भाव एक ही होता है : हम एक-दूसरे की खुशहाली और स्वास्थ्य का ख्याल रखेंगे।
उर्वी की रक्षाबंधन पहल: खेत से परिवार तक
उर्वी ऑर्गेनिक फार्म्स के लिए भोजन केवल बाजार में बिकने वाला उत्पाद नहीं है। उसके पीछे किसान, मिट्टी, परंपरा और परिवार की कहानी है।
इस रक्षाबंधन पर जब आप उर्वी के खपली गेहूँ के आटे, मल्टीग्रेन आटे, बेसन, बासमती या ब्राउन बासमती चावल, विभिन्न दालों, गुड़, देसी गाय के घी, पारंपरिक मसालों और वुड-प्रेस्ड तेलों से अपने घर की थाली सजाएँ, तो एक क्षण के लिए उस किसान को भी याद कीजिए जिसने इस भोजन को आपकी रसोई तक पहुँचाने में अपना श्रम दिया है।
क्योंकि स्वस्थ भोजन की शुरुआत केवल अच्छी रसोई से नहीं, बल्कि स्वस्थ मिट्टी और किसान के सम्मान से होती है।
इस रक्षाबंधन आइए, भाई-बहन के रिश्ते के साथ एक और रिश्ता मजबूत करें।🥰🤝
हमारा और किसानों का रिश्ता।
थाली और खेत का रिश्ता।
स्वास्थ्य और शुद्धता का रिश्ता।
और सबसे बढ़कर, एक परिवार का दूसरे परिवार के प्रति विश्वास का रिश्ता
इस बार राखी सिर्फ अपनी कलाई पर नहीं, किसान के सम्मान में भी बाँधिए।
उर्वी ऑर्गेनिक फार्म्स🌱🌾🌳🥗🍱
प्रकृति की शुद्धता, आपके परिवार की सुरक्षा
स्वस्थ भारत • स्वच्छ मिट्टी • स्वस्थ अन्न • स्वस्थ जीवन